दिनांक 08/22/2024 हेतु कविताएँ वेदनाचक्रः
https://youtu.be/SchP-EUcaQ4 0:17 (अभियोजकस्य वाक् अद्भुता) https://www.youtube.com/shorts/qhqIcV-d7hA 1:10 (दिव्यदूतः च गौरवः) [Verse] सुरक्षित रिश्तों में हो सुधार बाह्य बाधाओं से पार आन्तरिक शांति का हो द्वार आत्म-ज्ञान से सब आसान [Verse 2] अच्छाई बुराई की पहचान ध्यान से मिटे हर बारीक अरमान आक्रमण न हो किसी पर भी बिजली चमके दिल बरसे [Chorus] धैर्यवान योद्धा बनें हम सपनों में बुनें नया आलम संचार में न हो दूरी अब प्रेम का हो नया संगम [Verse 3] संचार की ना हो हानि कहीं शब्दों से जड़ें जो हम बुनें अप्रिय बातें कहें न कोई व्यंग्य ना हो दिल को चुभें [Bridge] महत्वपूर्ण सूचना में हो सदा सचाई का अमृत बहता जीवन की राह पर सभी को समर्पित दिल हमारा कहता [Chorus] धैर्यवान योद्धा बनें हम सपनों में बुनें नया आलम संचार में न हो दूरी अब प्रेम का हो नया संगम
https://youtu.be/SchP-EUcaQ4 0:17 (अभियोजकस्य वाक् अद्भुता) https://www.youtube.com/shorts/qhqIcV-d7hA 1:10 (दिव्यदूतः च गौरवः) [Verse] सुरक्षित रिश्तों में हो सुधार बाह्य बाधाओं से पार आन्तरिक शांति का हो द्वार आत्म-ज्ञान से सब आसान [Verse 2] अच्छाई बुराई की पहचान ध्यान से मिटे हर बारीक अरमान आक्रमण न हो किसी पर भी बिजली चमके दिल बरसे [Chorus] धैर्यवान योद्धा बनें हम सपनों में बुनें नया आलम संचार में न हो दूरी अब प्रेम का हो नया संगम [Verse 3] संचार की ना हो हानि कहीं शब्दों से जड़ें जो हम बुनें अप्रिय बातें कहें न कोई व्यंग्य ना हो दिल को चुभें [Bridge] महत्वपूर्ण सूचना में हो सदा सचाई का अमृत बहता जीवन की राह पर सभी को समर्पित दिल हमारा कहता [Chorus] धैर्यवान योद्धा बनें हम सपनों में बुनें नया आलम संचार में न हो दूरी अब प्रेम का हो नया संगम




